यकृत को मज़बूत करना है तो यह अवश्य खाएँ

यकृत को मज़बूत करना है तो यह अवश्य खाएँ

 

 

यकृत हमारे शरीर में खाए गए भोजन के कार्बोहाइड्रेट को तोड़ने, ग्लूकोज बनाने और शरीर में से विषैले पदार्थों को बाहर करने का काम करता है. यह पोषक तत्वों को भी संग्रहीत करता है और पित्त बनाता है, जो भोजन में पोषक तत्वों को ठीक से पचाने और अवशोषित करने के लिए आवश्यक है. हमारे समग्र स्वास्थ्य के लिए यकृत का स्वास्थ्य अत्यधिक महत्वपूर्ण है. यकृत की शिथिलता से पाचन तंत्र के रोग, चयापचय विकार और यहां तक ​​कि टाइप 2 मधुमेह भी हो सकता है.

 

ऐसे कई खाद्य पदार्थ हैं जो आपके यकृत की रक्षा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं. इस लेख में, हम यकृत स्वास्थ्य के लिए उत्तम माने जाने वाले कुछ खाद्य पदार्थों पर नज़र डालेंगे. 

 

1. कॉफ़ी

कॉफी पीने से फैटी यकृत की बीमारी से सुरक्षा मिलती है. 2013 की यकृत रोगों की एक अंतरराष्ट्रीय पत्रिका में एक समीक्षा में बताया गया था कि संयुक्त राज्य में 50 प्रतिशत से अधिक लोग प्रतिदिन कॉफी का सेवन करते हैं, जो उनके यकृत पर अच्छा प्रभाव डालती है और विशेष रूप से उन्हें वसायुक्त यकृत या फैटी लीवर जैसे रोगों से बचाती है. 

 

उस समीक्षा में यह भी कहा गया था कि कॉफी का दैनिक सेवन यकृत के पुराने रोगों को कम करने में मदद कर सकता है तथा कैंसर जैसी हानिकारक स्थितियों से भी यकृत की रक्षा कर सकता है. 

 

2. जई का दलिया 

जई के दलिए का सेवन आहार में फाइबर को शामिल करने का एक आसान तरीका है. फाइबर पाचन के लिए एक महत्वपूर्ण उपकरण है, और जई में विशिष्ट फाइबर यकृत के लिए विशेष रूप से सहायक हो सकते हैं. जई में बीटा-ग्लूकेन्स नामक यौगिक बड़ी मात्रा में होते हैं. 

 

इंटरनेशनल जर्नल ऑफ मॉलिक्यूलर साइंसेज में प्रस्तुत किए गए 2017 के एक अध्ययन में बताया गया था कि बीटा-ग्लूकॉन शरीर में जैविक रूप से सक्रिय तत्व हैं. वे प्रतिरक्षा प्रणाली को संशोधित करने और सूजन से लड़ने में मदद करते हैं, और मधुमेह और मोटापे के खिलाफ लड़ाई में भी विशेष रूप से सहायक हो सकते हैं.

 

अध्ययन में यह भी पाया गया कि जई से प्राप्त बीटा-ग्लूकन चूहों के यकृत में संग्रहीत वसा की मात्रा को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जो यकृत की रक्षा करने में मदद कर सकता है. हालांकि इसकी पुष्टि के लिए अधिक नैदानिक ​​अध्ययन आवश्यक हैं.

 

हालाँकि जई के दलिए को अपने आहार में शामिल करने की चाहत रखने वाले लोगों को प्रीपैक्ड ओटमील की बजाय साबुत जई या दली हुई जई का इस्तेमाल करना चाहिए, क्योंकि प्रीपैक्ड ओटमील में आटा या शक्कर जैसे तत्व शामिल हो सकते हैं, जो शरीर के लिए फायदेमंद नहीं होंगे. 

 

3. ग्रीन टी या हरी चाय

ग्रीन टी का सेवन हमारे शरीर में से समग्र वसा सामग्री को कम करने में मदद कर सकता है.

न्यूट्रिशनट्रीड सोर्स नामक पत्रिका में 2016 का एक अध्ययन बताता है कि ग्रीन टी का सेवन एशियाई महिलाओं में यकृत कैंसर के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है. 

 

यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि चाय का सेवन अर्क के सेवन से बेहतर साबित हो सकता है क्योंकि कुछ अर्क स्थितियों को ठीक करने के बजाय यकृत को और अधिक नुकसान पहुंचा सकते हैं.