नेपाल के नागरिकों को लगाई जाएगी 'मेड इन चाइना' वैक्सीन

नेपाल के नागरिकों को लगाई जाएगी 'मेड इन चाइना' वैक्सीन 

 

नेपाल के स्वास्थ्य मंत्रालय ने घोषणा की है कि 

कोरोनावायरस के घातक संक्रमण से लड़ने के लिए चीन द्वारा दी गई वैक्सीन का उपयोग कर के आगामी 7 अप्रैल से नेपाल के नागरिकों के टीकाकरण कार्यक्रम का दूसरा चरण प्रारंभ किया जाएगा. 

 

इससे पहले इसी वर्ष जनवरी 2021 में नेपाल में कोरोनावायरस वैक्सीन टीकाकरण अभियान का पहला चरण ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका वैक्सीन की दस लाख खुराक के साथ शुरू हुआ था, जो भारत ने अपनी 'नेबरहुड फर्स्ट' नीति के अंतर्गत सहायता के रूप में नेपाल को प्रदान की थीं. 

 

नेपाल के स्वास्थ्य और जनसंख्या मंत्रालय के प्रवक्ता डॉ. जागेश्वर गौतम ने बताया कि कोरोनावायरस वैक्सीन टीकाकरण के इस दूसरे चरण में चीन द्वारा निर्मित वैक्सीन 'वेरो सेल' की 800,000 खुराकें अग्रिम पंक्ति के कर्मियों के साथ-साथ पर्वतीय क्षेत्र में हिमालय-पार व्यापार गतिविधियों में लिप्त लोगों को लगाई जाएँगी. 

 

डॉ. गौतम ने कहा कि छात्रवृत्ति योजनाओं के तहत चीन में पढ़ने वाले नेपाली छात्रों और आगे की पढ़ाई के लिए चीन जाने की तैयारी करने वालों को भी यह चीनी टीका लगाया जाएगा. 

 

उन्होंने कहा, "टीकाकरण के लिए लक्षित कुल 900,000 लोगों में से 500,000 को पहले ही कोरोनावायरस वैक्सीन के टीके लगाए जा चुके हैं. चीन द्वारा दान किए गए टीकों की इन 800,000 खुराकों को लक्षित समूह के शेष 400,000 लोगों को दिया जाएगा". 

 

नेपाल में चीनी राजदूत होउ यानकी ने 29 मार्च को काठमांडू में आयोजित एक विशेष समारोह के बीच कोरोनावायरस वैक्सीन के टीके स्वास्थ्य और जनसंख्या मंत्री हृदयेश त्रिपाठी को सौंपे थे. 

 

नेपाल ने 18 फरवरी को चीन के बीजिंग इंस्टीट्यूट ऑफ बायोलॉजिकल प्रोडक्ट्स द्वारा निर्मित कोरोनोवायरस वैक्सीन के उपयोग के लिए सशर्त आपातकालीन मंजूरी दी थी.

 

जॉन्स हॉपकिन्स विश्वविद्यालय द्वारा जारी आँकड़ों के अनुसार 2.8 करोड़ जनसंख्या वाले नेपाल में कोरोनावायरस से संक्रमित होने वाले लोगों की कुल संख्या 277,944 है, तथा उससे मरने वालों का आँकड़ा 3032 को छू चुका है.