नेत्रशोध से पाएँ घर पर ही राहत

नेत्रशोध से पाएँ घर पर ही राहत 

 

नेत्रशोथ अथवा आँखों में सूजन के साथ होने वाली दर्द एक आम समस्या है जिससे ज़्यादातर लोगों को दो-चार होना पड़ता है. इस समस्या के प्रमुख कारणों में गले में खराश व आँखों के लेंस के सॉल्यूशन से लेकर गलत प्रकार के चश्मे पहनने तक मौजूद हैं. इनके अलावा बहुत ज्यादा धूप में निकलना, वायरल संक्रमण जैसे सर्दी, कंप्यूटर स्क्रीन पर लंबे समय तक घूरना, लगातार टीवी देखना, आँखों को बहुत ज़्यादा रगड़ना, हवा में तैरते प्रदूषक तत्वों की चपेट में आना, संक्रमण का शिकार होना इत्यादि भी नेत्रशोथ के लिए ज़िम्मेदार कारणों में से हैं. 

 

 

लेकिन राहत की बात यह है कि ऐसे बहुत से उपाय हैं जिनसे लाभ लेकर इस समस्या से घर पर ही प्रभावी राहत पाई जा सकती है. यह घरेलू उपचार सरल और सुविधाजनक हैं. यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि प्रत्येक विधि विशिष्ट रूप से काम करती है और सर्वोत्तम परिणामों के लिए इन्हें निर्धारित रूप से ही किया जाना चाहिए. यदि आप रात को बिस्तर पर सोने से पहले इन क्रियाओं को अपनी दिनचर्या में शामिल कर लें तो नेत्रशोध से आसानी से छुटकारा पाया जा सकता है. 

 

1. ठंडे पानी से आँखों पर छपाके मारें, या फिर एक साफ सूती तौलिया में बर्फ के टुकड़े लपेट कर अपनी आँखों पर लगाएँ. यदि आपके पास बर्फ के टुकड़े नहीं हैं, तो एक साफ कपड़े में लिपटे जमे हुए खाद्य पदार्थों का उपयोग भी कर सकते हैं. 

 

2. खीरे के टुकड़ों को अपनी आँखों पर रखें. पहले खीरे के टुकड़ों को लगभग 10 मिनट के लिए बर्फ के ठंडे पानी में भिगोएँ और फिर उन्हें अपनी आँखों की जलन को ठीक करने के लिए अपनी बंद पलकों पर रखें. 

 

3. गुलाब जल का उपयोग करें. गुलाब जल में साफ रुई का एक टुकड़ा डुबोएं और फिर रूई से अपनी बंद पलकों को धीरे से सहलाएं. आप किसी साफ ड्रॉपर की मदद से अपनी आंखों में गुलाब जल की कुछ बूंदों को भी डाल कर सकते हैं.

 

4. रोने से आँखों को चिकनाई मिलती है और आँखों से अशुद्धियाँ बाहर निकल जाती हैं. आँखों में आँसू लाने के लिए नमकीन घोल बनाया जा सकता है, और उसके लिए एक गैलन आसुत जल में एक चम्मच नमक डालें. इस घोल को अपनी आंखों में डालने के लिए साफ ड्रॉपर का इस्तेमाल करें. 

 

5. आँखों पर ठंडा चम्मच रखें. कम से कम चार धातु के चम्मच लें और उन सभी को एक गिलास ठंडे पानी में अलग-अलग रखें. जब चम्मच ठंडे हो जाएँ तो उन में से दो चम्मच अपनी आंखों के ऊपर रखें. जैसे ही वह दोनों चम्मच अपनी शीतलता खोने लगें, उन्हें शेष दोनों ठंडे चम्मचों से बदल दें.