कोरोना ने दिलाया इस लड़की को 'सर्वाधिक मूर्खतापूर्ण टैटू' का खिताब

कोरोना ने दिलाया इस लड़की को 'सर्वाधिक मूर्खतापूर्ण टैटू' का खिताब 

 

अमेरिका के केंटकी की निवासी लिआह हॉलैंड नामक युवती को बीते दिनों 'सर्वाधिक मूर्खतापूर्ण टैटू' प्रतियोगिता की विजेता घोषित किया गया है. लिआह हॉलैंड ने कहा कि उसने अपना 'आत्माभिव्यक्ति वाला टैटू' पूरे दो साल तक विचार करने के बाद बनवाया था, लेकिन अगर वह कुछ दिन और इंतजार कर लेती तो शायद ऐसा टैटू कभी नहीं बनवाती. 

 

हाल ही में टिकटॉक पर आयोजित 'सर्वाधिक मूर्खतापूर्ण टैटू' प्रतियोगिता में लिआह हॉलैंड ने भाग लिया, और उसमें वह विजेता घोषित की गई. वह टैटू बनवाते समय उसने कहा था कि उसका अर्थ "अपनी आत्म-अभिव्यक्ति और वास्तविकता के प्रति सच्चा होना और कुछ भी ऐसा नहीं होने का दिखावा नहीं करना है जो आप नहीं हैं" था. लेकिन आने वाले समय में इसका हास्यास्पद अर्थ कुछ और ही बन गया.  

 

जॉर्जटाउन, केंटकी की 25 वर्षीया निवासी लिआह हॉलैंड ने पिछले वर्ष 4 मार्च, 2020 को यह टैटू बनवाया था, और उसके ठीक दो दिन बाद, केंटकी में COVID-19 अर्थात कोरोनावायरस के पहले मामले की घोषणा की गई. इसके बाद जो हुआ वह अब इतिहास है.

 

दरअसल वह टैटू बनवाने के लिए लिआह हॉलैंड ने अपनी शर्ट की आस्तीन ऊपर खींच ली और उस पर लिखवाया "पूरे साहस और बग़ावत के साथ मैं मास्क पहनने से इनकार करती हूँ". हालाँकि बाद में जब कोरोना ने एक महामारी का रूप ले लिया और उसका हर तरफ़ मज़ाक उड़ाया जाने लगा तब लिआह हॉलैंड ने अपनी पोस्ट पर लिखा: "मैं वादा करती हूँ कि मैं मास्क के खिलाफ नहीं हूँ". 

 

लिआह हॉलैंड ने मीडिया को बताया कि उसने अपने साथ घटे इस दुर्भाग्यपूर्ण वाकए को दुनिया के साथ साझा किया क्योंकि "मैं चाहती थी कि लोग मेरे साथ हंसें क्योंकि मुझे लगता है कि यह अब भी मजेदार है."