लहसुन में छुपा है सेहत का खज़ाना

लहसुन में छुपा है सेहत का खज़ाना 

 

"भोजन को दवा की तरह खाओ, और दवा को अपना भोजन बनाओ" - यह प्राचीन यूनानी चिकित्सक हिप्पोक्रेट्स के प्रसिद्ध शब्द हैं, जिन्हें अक्सर पश्चिमी चिकित्सा का पिता कहा जाता है. वह विभिन्न रोगों के इलाज के लिए लहसुन का उपयोग किया करते थे, तथा आधुनिक विज्ञान ने हाल ही में इन लाभकारी स्वास्थ्य प्रभावों में से कई की पुष्टि की है.

 

 

कई प्रमुख सभ्यताओं द्वारा लहसुन के चिकित्सकीय उपयोग के बारे में अच्छी तरह से लिखा गया है, जिसमें मिस्रवासी, बेबीलोनियन, यूनानी, रोमन और चीनी शामिल हैं. आधुनिक वैज्ञानिक मानते हैं कि इसके अधिकांश स्वास्थ्य लाभ सल्फर के यौगिकों के कारण होते हैं, और उनमें से सबसे प्रसिद्ध एलिसिन के रूप में जाना जाता है. हालांकि, एलिसिन एक अस्थिर यौगिक है जो केवल ताजा काटे गए या कुचले गए लहसुन में ही मौजूद होता है. लहसुन से मिलने वाले स्वास्थ्य लाभों में भूमिका निभाने वाले अन्य यौगिकों में डायलील डाइसल्फ़ाइड और एस-एलिल सिस्टीन भी शामिल हैं.

 

लहसुन एक अत्यधिक पौष्टिक वस्तु है लेकिन इसमें बहुत कम कैलोरी होती हैं. कच्चे लहसुन की एक कली का वज़न लगभग 3 ग्राम होता है, और उस में 2% मैंगनीज, 2% विटामिन बी 6, 1% विटामिन सी, 1% सेलेनियम, 0.06 ग्राम फाइबर तथा कैल्शियम, तांबा, पोटेशियम, फास्फोरस, लोहा और विटामिन बी 1 भी मौजूद होता है. 

 

हमारे भोजन में शामिल लहसुन की खुराक हमारे शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को दृढ़ बनाने के लिए जानी जाती है. 3 महीनों तक चले एक अध्ययन में पाया गया कि खुराक में प्रतिदिन एक लहसुन को शामिल करने से कड़ी सर्दी का शिकार होने की संभावना 63% कम हो गई. इसके अलावा इस अध्ययन में यह भी पाया गया कि लहसुन का नियमित प्रयोग करने वाले लोगों को ठंड लगने पर भी उससे प्रभावित होने की समयावधि में 70% तक की कमी आ गई. 

 

इसके अतिरिक्त लहसुन में सक्रिय यौगिक रक्तचाप को भी कम कर सकते हैं. दिल के दौरे और स्ट्रोक जैसी हृदय संबंधी बीमारियां दुनिया की बड़ी समस्याएँ हैं, तथा उच्च रक्तचाप इन रोगों के सबसे महत्वपूर्ण कारणों में से एक है. विभिन्न अध्ययनों में पाया गया है कि उच्च रक्तचाप से पीड़ित लोगों की खुराक में लहसुन को शामिल करने से उनके रक्तचाप को कम करने के लिए महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है. 

 

एक अध्ययन में देखा गया कि 600 से 1,500 मिलीग्राम लहसुन के अर्क को 24 सप्ताह की अवधि तक देने पर रक्तचाप को कम करने के लिए प्रयोग की जाने वाली दवा एटेनॉलोल जैसे ही परिणाम हासिल हुए. हालाँकि वांछित प्रभाव के लिए लहसुन की पूरक खुराक काफी अधिक होनी चाहिए, तथा इसके लिए आवश्यक मात्रा प्रति दिन लगभग चार लहसुन की कली के बराबर है.