कौन सी ज़हरीली ड्रग दी थी रिया ने सुशांत सिंह राजपूत को, क्या हैं उसके ख़तरनाक दुष्प्रभाव?

कुछ मीडिया संस्थानों द्वारा हासिल किए गए व्हॉट्सऐप के स्क्रीनशॉट्स से पता चला है की रिया चक्रवर्ती सुशांत सिंह राजपूत को सीबीडी ऑयल नामक ख़तरनाक ड्रग दिया करती थी। इस ड्रग को मारिजुआना से मिलते-जुलते नशीले पौधों से निकाल कर तैयार किया जाता है। टाइम्स नाउ द्वारा हासिल किए गए व्हॉट्सऐप संदेशों से पता चलता है कि रिया कथित तौर पर मारिजुआना और एमडीएमए जैसी दवाओं के बारे में बात करती थी।

इन संदेशों में से एक में, रिया ने कथित तौर पर एक ड्रग डीलर को यह लिखा कि, “अगर हम हार्ड ड्रग्स के बारे में करें, तो मैं उनका बहुत ज्यादा सेवन नहीं कर रही हूँ। एक बार एमडीएमए की कोशिश की थी।” इसके बाद वह ड्रग डीलर से पूछती है कि क्या उसके पास एमडी है।

25 नवंबर को रिया को एक जया साहा द्वारा भेजे गए एक अन्य संदेश में जया साहा ने उसे लिखा कि “कॉफी, चाय या पानी में 4 बूंदों का उपयोग करें और फिर उसको दे दें दें। इसका पूरा असर होने में 30-40 मिनट का समय लगेगा।”

सीबीडी ऑयल एक नशीली दवा है जिसका उपयोग दर्द से राहत देने वाले के लिए तथा चिंता और अवसाद को कम करने के लिए बहुत कम मात्रा में व चिकित्सकों की देख-रेख में ही किया जाता है।

सीबीडी ऑयल कैसी ड्रग है, व क्या हैं इसके ख़तरनाक दुष्प्रभाव?

सीबीडी ऑयल दरअसल कैनाबिस सैटिवा नामक पौधे (जिसे मारिजुआना या गांजा के रूप में भी जाना जाता है) से प्राप्त किया जाने वाला एक रसायन है। कैनबिनोइड्स नामक 80 से भी अधिक रसायन इस कैनाबिस सैटिवा नामक पौधे से प्राप्त किए जाते हैं। जबकि डेल्टा-9-टेट्राहाइड्रोकैनाबिनोल (टीएचसी) मारिजुआना का प्रमुख सक्रिय घटक है। हालाँकि भांग से भी कैनबिडिओल प्राप्त किया जाता है, जिसमें टीएचसी की मात्रा बहुत कम होती है।

कुछ लोगों का कहना है कि एक नियत मात्रा में व चिकित्सकीय देखरेख में सीबीडी ऑयल का उपयोग किया जाए तो वह मिर्गी के रोग में लाभदायक होता है। इसके अतिरिक्त इसका उपयोग चिंता, दर्द व कुछ मांसपेशीय विकारों तथा कई अन्य रोगों में भी किया जाता है, लेकिन इन उपयोगों को प्रामाणिक रूप से सिद्ध करने के लिए कोई ठोस वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं।

लेकिन सीबीडी ऑयल के मस्तिष्क पर दुष्प्रभाव अवश्य पड़ते हैं। कहा जाता है कि सीबीडी ऑयल मस्तिष्क में एक रसायन को तोड़ने का काम करता है जो मानसिक कार्य को असामान्य रूप से प्रभावित करता है। कुछ लोगों का कहना है कि इस रसायन के टूटने और रक्त में इसके स्तर को बढ़ाने से स्किज़ोफ्रेनिया जैसी स्थितियों से जुड़े मानसिक लक्षण कम होते हैं, लेकिन इन बातों का कोई स्पष्ट व नैदानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है। इतना अवश्य है कि इस रसायन के टूटने से व्यक्ति की मानसिक स्थिति पर पड़ने वाले प्रभावों को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। जब सीबीडी ऑयल को मुंह के रास्ते लिया जाता है या जीभ के नीचे लगाया जाता है, तब इसकी 300 मिलीग्राम से अधिक की खुराक बेहद ख़तरनाक दुष्प्रभाव डाल सकती है।