कोविड-19 से बिगड़ी मानसिक सेहत सुधारने के लिए अब हेरिटेज कंटेंट न्यूज डेस्ककोविड-19 से बिगड़ी मानसिक सेहत सुधारने के लिए अब हेरिटेज कंटेंट न्यूज डेस्क

कोविड-19 की वजह से लॉकडाउन में मानसिक सेहत सुधारने के लिए हेरिटेज कंटेंट की मदद ली जाएगी। प्राचीन कलाकृतियों, सभ्यताओं और दस्तावेजों ऑनलाइन प्रदर्शन के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य को दुरुस्त रखा जाएगा। इलाहाबाद संग्रहालय ने यह जिम्मेदारी उठाई है। 18 मई को अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस से पहले इसकी तैयारी की गई है।

इस योजना के तहत संग्रहालय की ओर से ऑनलाइन वर्कशॉप भी चलाई जाएगी, ताकि लोग घर बैठे अपनी धरोहरों और सभ्यताओं से परिचित हो सकें। कहा जा रहा है कि कोरोना महामारी के फैलते संक्रमण के बीच आम लोगों में चिंता और घबराहट तेजी से बढ़ रही है। संग्रहालय से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि मनोवैज्ञानिक परीक्षणों के माध्यम से पता चला है कि लॉकडाउन में घरों में बैठे बच्चों, महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों में अवसाद, तनाव के अलावा अन्य तरह की मनोविकृतियां और पैनिक अटैक का खतरा बढ़ सकता है।
इससे बचने के लिए लोगों को कला-संस्कृति और धरोहरों के शिल्प-सौंदर्य को मानसिक टॉनिक के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे लोगों को घर बैठे मनोरंजन का अवसर तो मिलेगा ही, ज्ञानवर्धन भी किया जा सकेगा। इसके लिए संग्रहालय की ओर से काम शुरू कर दिया गया है। फिलहाल पत्थर और लकड़ी की बुद्ध प्रतिमाओं, खजुराहो की यक्षणियों के साथ ही संयुक्त अरब अमीरात के शाह की सोने की म्यान की वीडियो बनाकर वेबसाइट के माध्यम से पूरी दुनिया में पर्यटकों को दिखाने की योजना है, जो इस लॉकडाउन में घरों में बैठे-बैठे तनावग्रस्त हो रहे हैं।
इलाहाबाद संग्रहालय में देखने के लिए कला-शिल्प का समृद्ध खजाना संग्रहीत है, जो इस कोरोना संक्रमण के दौर में पूरी तरह बंद है। संग्रहालय की ओर से मध्य प्रदेश के सीधी से प्राप्त करीब एक लाख वर्ष पुराने भैंसे के सिर और मिर्जापुर में मिले हाथी केजबड़े के जीवाश्म के अलावा प्रथम विश्व युद्ध में इस्तेमाल की गई मशीनगन और अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद की पिस्तौल की भी वीडियो बनाई जा रही है।